Bihar Daroga Exam Paper Leak: पटना में अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन, जेपी गोलंबर पर पुलिस से नोकझोंक

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▪️Paper leak के विरोध में दारोगा अभ्यर्थियों का Protest मार्च। जेपी गोलंबर पर पुलिस से तीखी नोकझोंक।
▪️प्रदर्शनकारी छात्र, छात्र नेता (सौरभ कुमार सिंह, अमन कुमार यादव), BPSSC अधिकारी और पटना पुलिस।
▪️सोमवार को पटना में (साइंस कॉलेज से जेपी गोलंबर तक मार्च)।
▪️1799 पदों के लिए 27 मई 2026 को हुई थी Mains परीक्षा।
▪️छात्रों का आरोप है कि गया, पूर्णिया और भागलपुर सेंटर्स से पेपर के सभी सेट Social Media पर लीक हुए हैं।
▪️BPSSC को ज्ञापन सौंपा गया। Exam cancel कर Re-exam न होने तक लगातार आंदोलन जारी रखने की चेतावनी।

Police stopping protesting candidates at JP Golambar Patna over Bihar Daroga paper leak.

बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) की 27 मई 2026 को हुई दारोगा मुख्य परीक्षा को रद्द कराने की मांग को लेकर छात्रों ने पटना में मार्च निकाला, जिसके बाद पुलिस से तीखी झड़प हुई।

​बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) द्वारा आयोजित दारोगा बहाली (Sub-Inspector) मुख्य परीक्षा के पेपर लीक के आरोप में सोमवार को पटना में अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। पटना साइंस कॉलेज से शुरू हुए इस विरोध मार्च को पुलिस ने जेपी गोलंबर पर रोक दिया, जिसके बाद पुलिस और छात्रों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

​1799 पदों की परीक्षा रद्द करने की मांग

​छात्र नेता सौरभ कुमार सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों अभ्यर्थियों ने 27 मई 2026 को हुई दारोगा मुख्य परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर राजधानी की सड़कों पर मार्च निकाला। यह परीक्षा कुल 1799 पदों के लिए आयोजित की गई थी। प्रदर्शनकारी पटना साइंस कॉलेज से निकले और भिखना पहाड़ी, मछुआ टोली और बाकरगंज होते हुए गांधी मैदान की ओर बढ़ रहे थे।

​जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग और पुलिस से झड़प

​जब मार्च जेपी गोलंबर के पास पहुंचा, तो पुलिस ने पहले से ही बैरिकेडिंग कर रखी थी और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके परिणामस्वरूप पुलिसकर्मियों और अभ्यर्थियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। तेज धूप और गर्मी के बावजूद अभ्यर्थी डटे रहे और परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर लगातार नारेबाजी करते रहे।

​पेपर लीक के आरोप और जांच

​प्रदर्शनकारियों का सीधा आरोप है कि 27 मई की परीक्षा के सभी सेट के प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। गया, पूर्णिया और भागलपुर जिलों से पेपर लीक की खबरें सामने आई थीं, और वर्तमान में गया और पूर्णिया में इस मामले की जांच भी चल रही है। छात्रों का दावा है कि उन्होंने पहले ही बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग और आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को सबूत सौंप दिए हैं।

​अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी

​छात्र नेता अमन कुमार यादव ने आयोग के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्य परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों पर चुप्पी साधना ठीक नहीं है। बाद में, सौरभ सिंह के नेतृत्व में छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल—जिसमें अमित, बबीता, रोहित, हिमांशु और सोनू कुमार शामिल थे—ने पुलिस अवर सेवा आयोग के दफ्तर जाकर वरीय अधिकारियों से मुलाकात की और दोबारा ज्ञापन सौंपा।

​अभ्यर्थियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक 27 मई की परीक्षा को रद्द कर नए सिरे से परीक्षा आयोजित नहीं की जाती, उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।

Siddharth

verifiedManager and Content Writer

Expertise: B.Tech and MBA in IT

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